क्या करू

अपने जब सपने होजाते है

सपनोंमे बी कोई तनहा रहता है


खुदका हाल कुछ यूं होजाता है

कमोशी बी हज़ार सवाल करते है


धड़कन से बी दिल टूट जाते है

चलते सांस बी अब जान लेते है


जिन्दा रहके क्या फ़ायदा मेरे दोस्त

हर वक्क्त मरनेका अहसास दिलाता है

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