बस यूंही

अचानक किसीका चहरा तेरी चहरेका याद दिला जाता है |
अचानक किसीका अंदाज़ तेरी अंदाज़ का याद दिला जाता है |

बोलने को ये तो कुछ बहाने है |
बोलने को बहुत सारी बातें है |

बस इतना समजलो मेरी जानम...

हर चहरे में हम तुमे देखने की कोशिश करता है |
हर अंदाज़ में हम तुमे पाने की कोशिश करता है |

न जाने किस मुखाम पे तुम मिल जाए....
ये सोंचके हुमतो बस...
हर रास्ता पे अपनी नज़र बिछाके रकका है |

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