शुकर है....



शुकर है यादों पे पाबँदी नहीं है
वर्णा हम तो राहोंमे यूँही खो जाते

तेरे सात बिताये हर एक पल को
दुबारा इस तराह हम जी नहीं पाते

शुकर है यादों पे पाबँदी नहीं है
वर्णा हम तो बेकार की बातों
पे रोते

वो बातें वो रातें वो मुलाकातें
दिल से लगा के हम रख नही पाते

शुकर है यादों पे पाबँदी नहीं है
वर्णा हम तो तेरे बिन यूँही मर जाते






Comments

slow learner said…
bahut hi sunder.khushnasib hai vah.