खुद दवा बन जाते हो तुम



क्यों  हर पल मुझसे यूं जुद्द जाते हो तुम 

क्यों हर वक़्त मेरे दिल में बस जाते हो तुम

क्यों मेरे दिल की दड्कन बन जाते हो तुम 

क्यों मेरे सांसो की रफ़्तार बन जाते हो तुम 

क्यों बेमतलब हमे बेकरारी देते हो तुम

क्यों तुम ही दर्द देखे...खुद दवा बन जाते हो तुम 

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