आकिर क्यों

याद बनके कभी

ख्वाब बनके कभी

बिन बुलाये तुम क्यों चले आतेहो ?

दिलके सितारको क्यों छेद जातेहो ?


आंधी बनके कभी

आंसू बनके कभी

बिन बुलाये तुम क्यों चले आतेहो ?

मन की गलीमे क्यों हलचल मचातेहो ?

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